न्यू दिल्ली: ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व और बढ़ाने की आवश्यकता है, ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, पीएम के साथ’ कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं और खिलाड़ियों को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस कार्यक्रम में देशभर के 1,600 स्थानों पर 8 लाख से अधिक युवा शामिल हो रहे हैं।
ओलंपिक्स में कई खेलों में भारत का न्यूनतम प्रतिनिधित्व भी हासिल न कर पाने की स्थिति को बदलने की आवश्यकता है, ऐसा मोदी ने स्पष्ट किया। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि भारतीय युवा सर्फिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे नए खेलों में बड़ी संख्या में कदम रखते हैं, तो ओलंपिक पदकों की संख्या बढ़ाने का अवसर होगा।
2036 ओलंपिक्स को ध्यान में रखते हुए, प्रतिभा की पहचान करने, खेल आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, और युवाओं को खेलों की ओर और अधिक आकर्षित करने जैसे मुद्दों पर ‘खेलो इंडिया संवाद’ में विशेष ध्यान दिया गया।
पदकों के लिए नहीं.. देश निर्माण के लिए खेल!
मोदी ने कहा कि खेलों को केवल पदक हासिल करने तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। अनुशासन, फिटनेस, और नेतृत्व गुणों को विकसित करते हुए, खेलों को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए, यह केंद्र की दिशा में है।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया सहित कई खेल क्षेत्र के प्रमुख लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सरकार ने बताया कि वह युवाओं से 2036 ओलंपिक्स से संबंधित सुझाव और विचार एकत्रित कर खेल क्षेत्र के विकास में उपयोग करेगी।
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