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श्रीशैलम देवस्थान में उगादी महोत्सव भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

श्रीशैलम मंदिर में उगादी महोत्सव पूर्णाहुति, वसंतोत्सव, अवभृथा और त्रिशूल स्नान कार्यक्रमों के साथ धूमधाम से समाप्त हुआ, भक्तों की भागीदारी से भव्यता बनी रही।

Devotional/Cultural

श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी देवस्थानम में आयोजित उगादी महोत्सव पूर्णाहुति, वसंतोत्सव, अवभृथा, त्रिशूल स्नान कार्यक्रमों के साथ भव्यता से समाप्त हुए। महोत्सव के अंतिम दिन स्वामी और माताओं के लिए विशेष पूजा की गई, जबकि यागशाला में चंडीश्वर स्वामी के लिए विशेष पूजा की गई।

इसके बाद लोककल्याण के लिए जाप, नित्यहोम और बलिहारण किए गए। पूर्णाहुति शास्त्रोक्त रूप से नारिकेल, सुगंध द्रव्य, मोती, पगड़, नवीन वस्त्र आदि को होमगुंड में आहुतियों के रूप में समर्पित करके यागकार्यक्रम को पूरा किया गया। वसंतोत्सव पूर्णाहुति के बाद वसंतोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हल्दी, चूना, सुगंध द्रव्य से तैयार किए गए मंत्रपूर्ण जल को भक्तों पर प्रक्षिप्त किया गया। अवभृथा – त्रिशूल स्नान वसंतोत्सव के बाद चंडीश्वरस्वामी को मंदिर की प्रदक्षिणा करते हुए मल्लिकागुंड के पास ले जाकर अवभृथा का आयोजन किया गया।

शुद्धजल, पंचामृत, भस्मोदक, कुमकुमोदक, हरिद्रोदक, सुगंधोदक, बिल्वोदक, पुष्पोदक, नारिकेलोदक आदि के साथ स्नापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद त्रिशूल स्नान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समय मल्लिकागुंड जल को सिर पर प्रक्षिप्त करने से पाप नष्ट होकर श्रेयस प्राप्त होता है, ऐसा भक्तों का विश्वास है।

इन कार्यक्रमों में कार्यनिवाहक अधिकारी एम श्रीनिवासराव, अर्चक, वेदपंडित, धर्मकर्त्ताओं की मंडली के सदस्य, अधिकारी और भक्त शामिल हुए। देवस्थान के अधिकारियों के आदेशानुसार ये कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए गए।

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